
आज हम तो अपनी क़िस्मत आज़माने लग गए
आसमाँ जितने थे सब रस्ते बताने लग गए
ऐ ख़ुदा कश्ती हमारी क्या भँवर में आ गई
सब हमारे दोस्त हम को आज़माने लग गए
— Muneer shehryaar
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