वो गिरी चीजें उठाती ही नहीं हैदेख लेना वो दुबारा फेंक देगीचूड़ियाँ उस की पहन ली गर जो उस नेफिर तो वो छल्ला तुम्हारा फेंक देगी— Vikas Shah musafir