मर मिटे जाम पर
आपके नाम पर
'इश्क़ ने ला दिया
आपको बाम पर
लूट कर देश को
वो चला धाम पर
खेत में काम की
इन्तिहा शाम पर
इब्तिदा इन्तिहा
आपके नाम पर
लफ़्ज़ दर लफ्ज है
शे'र इल्हाम पर
सब को नवनीत के
फ़ख़्र है नाम पर
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Navneet krishna
our suggestion based on Navneet krishna
As you were reading Shama Shayari Shayari