मर मिटे जाम पर
आप के नाम पर
इश्क़ ने ला दिया
आप को बाम पर
लूट कर देश को
वो चला धाम पर
खेत में काम की
इन्तिहा शाम पर
इब्तिदा इन्तिहा
आप के नाम पर
लफ़्ज़ दर लफ्ज है
शे'र इल्हाम पर
सब को नवनीत के
फ़ख़्र है नाम पर
— Navneet krishna
आप के नाम पर
इश्क़ ने ला दिया
आप को बाम पर
लूट कर देश को
वो चला धाम पर
खेत में काम की
इन्तिहा शाम पर
इब्तिदा इन्तिहा
आप के नाम पर
लफ़्ज़ दर लफ्ज है
शे'र इल्हाम पर
सब को नवनीत के
फ़ख़्र है नाम पर
Other ghazal from the same pen
Shers of dar shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling