कह गए थे के आएँगे इक दिन कभीतुम न आए कहे भी ज़माना हुआखौफ़ दुनिया से इनकार-ए-इश्क़-ओ-वफ़ाझूठ-सच्चाइयों को बनाना हुआ— Navneet krishna