हसीन वक़्त मयकशी में बाँटनायहाँ जो ग़म मिले सभी में बाँटनाज़बाँ से खींच ले जो रम्ज़ साक़ियावही शराब आख़िरी में बाँटना— Nikhil Tiwari 'Nazeel'