दिलबर-ओ-दिलदार में काफ़ी फ़र्क़ हैजैसे इश्क़ और प्यार में काफ़ी फ़र्क़ हैलड़कियाँ आँखों से ही कर सकती हैं क़त्लहुस्न और तलवार में काफ़ी फ़र्क़ है— Milan Gautam