मुझे लगता नहीं कोई ख़ुदा होगा
अगर होगा तो वो भी बेवफ़ा होगा
तुझे मुझसे चुरा कर ले गया है जो
मेरी उतरन पहन के ख़ुश हुआ होगा
उसे मेरी महक तो आती ही होगी
वो जब तेरे बदन को चूमता होगा
उसे तू मिल गया, तक़दीर है उसकी
बुरा होगा मेरा, उसका भला होगा
वो तेरी माँग में सिंदूर भर देगा
मेरे घर मौत, तेरे घर मज़ा होगा
वो पत्थर दिल से बू-ए-इश्क़ आती है
वो सहरा भी कभी दरिया रहा होगा
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