तेरी यादों के जंगल में खो जाते हैं
सबके आगे हँसते हँसते रो जाते हैं
अब उसको बदलें इतनी तो औक़ात नहीं
वो जैसा है हम भी वैसे हो जाते हैं
दिन भर ख़ुद से तेरी बातें करते करते
थक जाते हैं, सो घर जा कर सो जाते हैं
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