
हम इतने सस्ते होते तो पैसों में आने लगते
बेहद कम जिन की इज़्ज़त उन जैसों में आने लगते
हम ऐसे वैसे लोगों से तो मिलते जुलते कम हैं
वरना अब तक हम भी ऐसे वैसों में आने लगते
— Kaviraj " Madhukar"
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