ik kahaanii mujhe yaad aati rahe | इक कहानी मुझे याद आती रहे

  - Raunak Karn

इक कहानी मुझे याद आती रहे
चाँद तारों की बातें सुनाती रहे

वो मुझे याद करती रहे हर समय
याद उसकी मुझे भी बुलाती रहे

शाख़ गुल ये हवा ये नदी ये महक
कोई धुन बनके मुझ
में समाती रहे

दिल लगाना ग़लत बात होगी मगर
ज़िंदगी मुझ सेे दिल-विल लगाती रहे

बोझ मुझपे है घर का मैं माँ से सुनूँ
बात चाहे मुझे ये सताती रहे

लोग जाए तो जाने दो 'रौनक' मगर
ये उदासी कोई नग़्मा गाती रहे

  - Raunak Karn

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