ha | हमें अपनी ग़ज़ल से दर्द-ओ-ग़म तुझ को सुनाना है

  - Raunak Karn

हमें अपनी ग़ज़ल से दर्द-ओ-ग़म तुझ को सुनाना है
बता दे दिल तुझे कितना अभी हम को रुलाना है

जो था छोटा हमेशा से सभी लोगों से इस घर में
सभी से अब बड़ा है वो सभी से वो सयाना है

कहीं भी वो चले जाएँ हमें अब छोड़ कर तन्हा
उन्हीं के ग़म में हमको यार अब पीना पिलाना है

नहीं है ग़म नहीं तकलीफ़ अब यारा बिना तेरे
बता कर सच तुझे फिर से मुझे दिल में बुलाना है

बग़ावत कर नहीं सकते अमीरी जान ले लेगी
ग़रीबी कह रही है नाम अब तुझको कमाना है

  - Raunak Karn

Udasi Shayari

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