सवालों से बच कर ख़ुदा लापता है
ज़माना ये सारा ही बस देखता है
ये मासूम बच्चे जो मरते हैं हरदम
बताओ मुझे क्या ही इन की ख़ता है
अनाथों की लंबी क़तारें हैं देखो
पिता आँखें अपनी नहीं खोलता है
ये चुप चुप रहे हैं दबाया है इनको
दबे लोगों को कौन ही देखता है
— Raunak Karn















