
बिताया दिन महीना साल अब तेरे ख़यालों से
तू मुझ से बात भी करता नहीं, कुछ बीते सालों से
न करना बात तुम हम से भला दिलबर मुहब्बत की
तुम्हें हम तंग कर देंगे कई उलझे सवालों से
— Raunak Karn
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