नींद से आज फिर मुहब्बत जीत जाएगीलगता है, ये रात भी, ऐसे ही बीत जाएगीमुफ़लिसी का आलम है क्या करे जनाबभूख से लड़ते लड़ते तो ज़िन्दगी बीत जाएगी— Ravi 'VEER'