milkar dekha hai maine udaas logon se | मिलकर देखा है मैने उदास लोगों से

  - Saahir

मिलकर देखा है मैने उदास लोगों से
दर्द मिला था सबको अपने ख़ास लोगों से

इक्यावन थे तेरे आशिक सब हैं दुख में
मिलकर आया हूँ बाकी पचास लोगों से

नफ़रत कम किया करो ये कड़वी होती है
नफ़रत खींचा करती है मिठास लोगों से

पहले गालियाँ दी काफ़ी फ़िर सोचा मैने
क्या क्या करवा देती है भड़ास लोगों से

जाते वक़्त सफ़र पे माँ अक्सर कहती है
खान-पान मत लेना ना-शनास लोगों से

फ़हम से बाहर है क्यूँँ होता है कि मुझे ये
'इश्क़ हो ही जाता है बे-क़यास लोगों से

रूह एक जैसी होती है सबकी यारों देखो
उतार कर के ज़िस्म का तुम लिबास लोगों से

  - Saahir

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