सोचता हूँ कि क्या चीज़ ये ज़िंदगी हैबढ़ रही है या फिर उम्र कम हो रही हैजज़्ब, बहरें, मआ'नी, अदब, तज़रबे आदिइन सभी को मिला जो बने, शा'इरी है— Saahir