अधूरा रह गया सपना हमारा
मोहब्बत में नहीं हिस्सा हमारा
अभी तक दिल नहीं तोड़ा किसी ने
अभी चलता है ये सिक्का हमारा
वो लड़की भागने में भी थी राज़ी
पर इस पे मन नहीं माना हमारा
कोई समझा नहीं इस दर्द-ए-दिल को
हमीं बस पढ़ सके लिक्खा हमारा
ये दुनिया भेज दे वनवास हम को
नहीं तो फूँक दे पुतला हमारा
अगर तुम फूल ले लेती उसी दिन
अभी तक नाम चल जाता हमारा
इक अफ़सर ब्याह उस को ले गया है
मिला कर ख़ाक में रुतबा हमारा
ग़ुलामी इश्क़ तक की कर ना पाए
कहीं पर सर नहीं झुकता हमारा
— Rohit tewatia 'Ishq'















