मानव बना दिया कि कोई शाप लिख दिया

संसार भर का ज़ुल्म बिना माप लिख दिया

लिखकर जो थक गया वो तो खाकर तरस ज़रा
उस ने मेरे नसीब में माँ-बाप लिख दिया

सुख-दुख में रह न जाए कोई ग़म कोई कमी
भाई-बहन का साथ वो भी आप लिख दिया

— Vr Hardik Jaiswal

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