इतना नहीं नज़र को ही भाता चला गया
वो शख़्स मेरे दिल में समाता चला गया
मेरे क़लम ने ख़ास तो कुछ भी नहीं किया
जो सो रहे थे उन को जगाता चला गया
अफ़्सोस ज़िन्दगी ने मिरा साथ न दिया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
यारो कमाल है कि वो मेरा न बन सका
लेकिन मुझे वो अपना बनाता चला गया
उस ने तो मेरे राज़ को रहने दिया न राज़
मैं किस को अपना राज़ बताता चला गया
लोगों ने मेरा रास्ता रोका था मैं मगर
पानी की तरह राह बनाता चला गया
तब तक नज़र में उन की मैं अच्छा बना रहा
जब तक कि हाँ में हाँ मैं मिलाता चला गया
कहता गया कि दिल को दुखाना सही नहीं
और साथ साथ दिल को दुखाता चला गया















