मेरा इलाज अगर चारा-गर के पास नहीं
यक़ीं है रब पे मुझे मैं ज़रा उदास नहीं
हमारे दिल को तेरी रूह से मोहब्बत है
हमारे इश्क़ में शामिल बदन की प्यास नहीं
बस इक तुम्हारे सिवा सिर्फ़ इक तुम्हारे सिवा
सुकून दिल को मुयस्सर किसी के पास नहीं
यक़ीन कर मैं मोहब्बत में जितना तेरा हूँ
ए यार इतना तो पारो का देवदास नहीं
न जाने क्यूँ मुझे दिन रात याद आता है
वो जिस का साया भी अब मेरे आस पास नहीं
नसीब वाले हो जो तुम ने पा लिया उस को
ये इश्क़ सैफ़ मियाँ हर किसी को रास नहीं
— Saif Dehlvi















