ग़ुर्बत का ऐलान करोगे
अपना ही नुक़सान करोगे
ख़ुद खोए खोए रहते हो
मेरा क्या तुम ध्यान करोगे
बुरा भला तुम मुझ को कह कर
काम मिरा आसान करोगे
फ़र्ज़ अदा ही करोगे अपना
मुझ पर क्या एहसान करोगे
कन्याओं के दुश्मन हो तुम
तुम क्या कन्यादान करोगे
— Shadab Shabbiri















