kaarnaama naya ye kar jaaun | कारनामा नया ये कर जाऊँ

  - Shajar Abbas

कारनामा नया ये कर जाऊँ
आ तेरी रूह में उतर जाऊँ

हो के बर्बाद क़ैस तेरी तरह
मैं भी दुनिया में दर-ब-दर जाऊँ

छोड़कर रूह तेरे कूचे में
जिस्म के साथ कैसे घर जाऊँ

दूर रहने से तुझ सेे बेहतर है
जान-ए-मन जान-ए-जांँ मैं मर जाऊँ

दिल में आता है मेरे रह रहकर
तेरी दुनिया उदास कर जाऊँ

तूने दामन भरा है ग़म से मेरा
ग़म से दामन मैं तेरा भर जाऊँ

  - Shajar Abbas

Kamar Shayari

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