इश्क़ मेरा बन गया है जब इबादतफिर मैं देखूँ क्यूँ ही बिगड़ी अपनी हालतलोग कहते है तो कहने दो न उन कोउन के कुछ कहने पे क्यूँ करते हो हैरत— Shams Amiruddin