khaali seedhi par baitha hooñ khaali main | ख़ाली सीढ़ी पर बैठा हूँ ख़ाली मैं

  - Shoonya Shrey

ख़ाली सीढ़ी पर बैठा हूँ ख़ाली मैं
ख़ुद पर ही मैं बजा रहा हूँ ताली मैं

मेरे आगे मार दिया है पंछी उसने
अब मुझको लगता है मैं हूँ जा'ली मैं

उसके चक्कर में बन बैठा सीधा सा
इस सेे अच्छा तो था यार मवाली मैं

उसकी आँखों से पीने की शर्त मिरी
पी जाऊँँगा फिर सब गिनकर प्याली मैं

उसकी और मेरी इक दिन होगी शादी
इस सेे ज़्यादा हो सकता हूँ ख़याली मैं

  - Shoonya Shrey

Shadi Shayari

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