दिल भी लग जाता पर लगा ही नहीं
जिसको चाहा कभी मिला ही नहीं
वो मुझे छोड़ के चला भी गया
पर ये दिल है के मानता ही नहीं
मैं ही, उसको भुला न पाया और
मैने सोचा कि रास्ता ही नहीं
उसकी चाहत थी कि तड़पता रहूँ
फिर दिल-ए-ज़ख्म,मैं सिला ही नहीं
शोर करता है, वो निभाएगा साथ
और ज़रूरत पे, वो दिखा ही नहीं
सब दिया है ख़ुदा ने, ख़ुश भी हूँ
एक बस यार, तू मिला ही नहीं
दूर के लोग तेरे अपने हुए
पास का मैं तेरा हुआ ही नहीं
सज के कॉलेज में आना क्या मतलब
तू मेरी ओर देखता ही नहीं
प्यार खोजे 'सलीम' शहर में वो
थक गया पर कहीं दिखा ही नहीं
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