यूँँकाटताहूँरातेंअँधेरेमेंबैठकर
गोयाकिजलताहोदियाआलेमेंबैठकर
अपनीउदासीसेलड़ूँतोकिसतरहलड़ूँ
जीलगताहैउदासीकेख़े
मेंमेंबैठकर
मैंख़्वाबदेखताहूँवोभीआसमानके
ऐसेअँधेरेकमरेकेकोनेमेंबैठकर
पहलेतोयादोंकाकोईघेराबनाऊँगा
सोचाकरूँँगाफिरउसीघेरेमेंबैठकर
वोउनदिनोंकीबातेंमुझेअबभीयादहैं
मिट्टीमैंखायाकरताथाचूल्हेमेंबैठकर