जाओ तुम भी जा कर अपना खेल सुधारोपत्थर ले कर सीधा मेरे दिल पर मारोया तो कर लो शहज़ादों से रिश्तेदारीया तो फिर इस खेल में अपना सब कुछ हारो— Vinay Khandelwal