मुझ को लगता था मेरा हाथ नहीं छोड़ेगीवक़्त कैसा भी हो वो साथ नहीं छोड़ेगीमैं हूँ इस वक़्त यूँ तन्हाई का मारा शाइ'रदिन को गर बच भी गया रात नहीं छोड़ेगी— Waseem Siddharthnagari