क़सम लेते ही उसका नाम लोगे
तो इन बातों से कब तक काम लोगे
सफ़र तो फिर ख़त्म हो ही चुका है
कहाँ तक हाथ उसका थाम लोगे
अदावत कर ही लोगे तुम भी मुझ से
मुसीबत में मेरा तुम नाम लोगे
हवा थी वो जिसे तुम ख़्वाब समझे
कहाँ कब तक उसे तुम थाम लोगे
गई वो तुम ने हालत देखी अपनी
पड़े साक़ी से कब तक जाम लोगे
नदामत भी नहीं उसको करम पे
भरम है तुम कहाँ तक ताम लोगे
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