रात ढलने वाली है
आँख लगने वाली है
इक दरख़्त के नीचे
धूप पलने वाली है
अब्र छाने वाला है
ख़ाक उड़ने वाली है
आज एक दरिया में
आग लगने वाली है
बाग़ में ख़िज़ाँ आ कर
फूल चुनने वाली है
— ZARKHEZ
आँख लगने वाली है
इक दरख़्त के नीचे
धूप पलने वाली है
अब्र छाने वाला है
ख़ाक उड़ने वाली है
आज एक दरिया में
आग लगने वाली है
बाग़ में ख़िज़ाँ आ कर
फूल चुनने वाली है
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