Prince
Prince
Ghazal

अगर तुम प्यार का मानी नहीं समझे

कि फिर तुम यार क़ुरबानी नहीं समझे

कि कैसे डूबता हूँ याद में उस की
ये टपका आँख से पानी नहीं समझे

कि कैसे यार हो मेरे भला तुम जो
ये आँखों में परेशानी नहीं समझे

अगर मेरे नहीं वो पास तो क्या है
कि उस का साथ रूहानी नहीं समझे

— Prince

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