अगर तुम प्यार का मानी नहीं समझे
कि फिर तुम यार क़ुरबानी नहीं समझे
कि कैसे डूबता हूँ याद में उस की
ये टपका आँख से पानी नहीं समझे
कि कैसे यार हो मेरे भला तुम जो
ये आँखों में परेशानी नहीं समझे
अगर मेरे नहीं वो पास तो क्या है
कि उस का साथ रूहानी नहीं समझे
— Prince















