doobe samandar men nahin koi sahaara mila | डूबे समुंदर में नहीं कोई सहारा मिला

  - Shubham Rai 'shubh'

डूबे समुंदर में नहीं कोई सहारा मिला
मेरे सिवा जग में नहीं कोई अवारा मिला

करते सभी इज़हार आँखों से अभी के समय
कमबख़्त हूँ मैं जो नहीं कोई इशारा मिला

शादी ख़ुशी से लोग करते है यहाँ रोज़ ही
मेरे तरह जग में नहीं कोई कुँवारा मिला

करता मोहब्बत मैं कभी उस शख़्स से ही मगर
उस शख़्स जैसा फिर नहीं कोई दुबारा मिला

  - Shubham Rai 'shubh'

Izhar Shayari

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