
रहे सरहद का सैनिक जोश में ये सोच कर हर पल
खड़ा हूँ मैं सुरक्षित अब मेरा अपना वतन होगा
न बच पाए कोई दुश्मन भले ये जाँ चली जाए
मेरी क़िस्मत में भी इक दिन तिरंगे का कफ़न होगा
— Ajeetendra Aazi Tamaam
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