हुस्न से हुस्न की तासीर बनाने वाला

आप को सोचे है कश्मीर बनाने वाला

तुम मुसव्विर न कहो मुझ को कि मैं तो ठहरा
एक ही शख़्स की तस्वीर बनाने वाला

मैं ख़ुदा हूँ तो यूँ खुलती है असीरी मुझ पर
लोग जब कहते हैं जंज़ीर बनाने वाला

मिल्कियत है सो बना देता है उल्टा सीधा
सोचता कुछ नहीं तक़दीर बनाने वाला

मैं ख़ुदा तो नहीं 'अभिसार' हूँ या'नी मैं वही
ठीक दिल बीच धँसा तीर बनाने वाला

— Abhishar Geeta Shukla

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