"प्रेम पत्र"
वो उपन्यास
जिस की कहानी कालजयी साबित हुई
मुझे उतनी प्यारी नहीं
ना ही मुझे प्यारी है वो किताब
जिस ने ग़ज़ल नज़्म में फर्क समझाया
उस ग्रंथ से भी उतना लगाव नहीं है
जो माँ कहती थी
अपने पास रखने के लिए
दरअसल मुझे सब से प्रिय है
वो एकमात्र प्रेम पत्र
जो तुम ने अपनी सहेली के हाथों भेजवाया था
और जिस के हर लाइन में वर्तनी की ग़लतियाँ थीं
— Adarsh Akshar















