जानता हूँ शहर की आब-ओ-हवा कोजो यहाँ आया कभी सोता नहीं हैइस लिए भी ख़्वाहिशें करता नहीं मैंसोच लूँ जो वो कभी होता नहीं है— Ankit Yadav