खुदा बंदा तने तन्हा गया है
सुए दरिया मेरा प्यासा गया है्
अजल से लेकर अब तक औरतों को
सिवाय जिस्म क्या समझा गया है।
खुदा की शायरी होती है औरत
जिसे पैरों तले रौंदा गया है
तुम्हें दिल के चले जाने पे क्या गम
तुम्हारा कौन सा अपना गया है
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