आज ख़्वाबों में ख़्वाब देखा है
जिस
में कुछ लाजवाब देखा है
इक कली फूल हो गई है दोस्त
मैं ने खिलता गुलाब देखा है
उम्र भर जिस का ख़ुद हिसाब रखा
आज उसे बे-हिसाब देखा है
दिल मेरा अब नहीं मेरे बस में
इसने हाँ में जवाब देखा है
वो मेरी रुक्मणी बनी कल रात
यार सुन ऐसा ख़्वाब देखा है
— Anchal Maurya















