अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखना
और नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखना
रोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा पर
शर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना
इक सिपाही कह गया मैं जा रहा हूँ दोस्तों पर
तुम वतन, मिट्टी कि अपने मरते दम तक शान रखना
आज़ तक माँ बाप ने सँभाल कर रक्खा तुझे बस
भूल अब जाना नहीं उन का सदा तू मान रखना
दिल में रहना चाहता हूँ ज़िन्दगी भर के लिए मैं
काम करना बस यही दिल का खुला दालान रखना
— Aniket sagar















