"कभी प्यार बनके दुआ तो कर"
मेरी ज़िन्दगी मेरी बंदगी
कभी प्यार बनके दुआ तो कर
मेरी ज़िन्दगी मेरी बंदगी
कभी प्यार बनके दुआ तो कर
तेरी बेबसी से डरा हूँ मैं
कभी दिल से डर को फ़ना तो कर
ये बड़ा हसीन है इश्क़ भी
तू हसीं बहुत ये सुना तो कर
ये महक है इश्क़ की जाँ मेरी
कि तू फूल बनके खिला तो कर
कभी रौशनी की तलाश में
तू भी इश्क़ कर के जला तो कर
मेरा दिल तेरे ही क़दम पे है
कभी लब से लब भी छुआ तो कर
ये मिलन भी इश्क़ की चाह है
कभी पास बैठ कहा तो कर
मेरी आरज़ू मेरी बन गई
तू बनी है जो वो बना तो कर
ये गुलाब जैसा बदन तेरा
मुझे बाँह में भी भरा तो कर
मेरी ज़िन्दगी मेरी बंदगी
कभी प्यार बनके दुआ तो कर















