jahaan sabhi ko KHushi se gale lagaaya gaya | जहाँ सभी को ख़ुशी से गले लगाया गया

  - Ashu Mishra

जहाँ सभी को ख़ुशी से गले लगाया गया
हमारा हाथ मिलाना हवस बताया गया

तुम्हारे आने से पहले खुला मकान था दिल
तुम्हारे बाद भी दरवाज़ा कब लगाया गया

भरोसा 'इश्क़ की पहली जवाबदारी है
गई जो धूप उधर तो इधर से साया गया

ज़ियादा रौशनी आँखें बुझा भी सकती थी
सो उसके आने से पहले दिया बुझाया गया

हमारी नफ़रतें दो-फाड़ कर गईं घर को
मगर ये फैसला दीवार का बताया गया

न एक पल को कभी दिल की राह सूनी हुई
तुम्हारे बाद तुम्हारा ख़याल आया-गया

  - Ashu Mishra

Khushi Shayari

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