इश्क़ में नाम कमाते हैं तो रब जाता हैपीछे हटते हैं तो पुरखों का नसब जाता हैधीमी आवाज़ पे धरता ही नहीं कान कोईतैश में आएँ तो लहजे से अदब जाता है— Binte Reshma