बराबर उसके क़द के अब मिरा क़द हो नहीं सकता
वो तुलसी हो नहीं सकता मैं बरगद हो नहीं सकता
मिटा दे लाँघ जाए या कि उसका अतिक्रमण कर ले
मैं ऐसी कोई भी कमज़ोर सरहद हो नहीं सकता
जमा कर अपने पैरों को चुनौती देनी पड़ती है
कोई बैसाखियों के दम पे अंगद हो नहीं सकता
कुसुम हाथों में उसके और बग़ल में हो छुरी तो फिर
फ़क़त सम्मान करना उसका मक़सद हो नहीं सकता
ख़ुशी का अर्थ क्या जाने वो मन की शांति क्या जाने
विहँसता देख बच्चों को जो बरगद हो नहीं सकता
'बशर' है कितना गहरा फ़र्क दोनों के मिज़ाजों में
वो अब सत हो नहीं सकता मैं अब बद हो नहीं सकता
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