daal kar jaan duniya men laaya gaya | डाल कर जान दुनिया में लाया गया

  - Dharmesh bashar

डाल कर जान दुनिया में लाया गया
और हर इक सितम आज़माया गया

राख उड़ती रही रात भर बज़्म में
रफ़्ता रफ़्ता मिरा दिल जलाया गया

दिल को रक्खा गया तेज़ ख़ंजर तले
और दस्त-ए-हुनर आज़माया गया

हालत-ए-हाल की नाज़ुकी के सबब
हाल-ए-दिल भी न हम सेे सुनाया गया

चारागर तेरी चारागरी के लिए
बारहा ज़ख़्म दिल पे लगाया गया

बात इक भी न लब पे मिरे आ सकी
ऐसी हालत में बस मुस्कुराया गया

कोई धोका न खा जाए मेरी तरह
इस
में सच कुछ नहीं जो बताया गया

मुंतज़िर हूँ मैं अब ज़ख़्म-ए-उम्मीद का
जिसके ख़ातिर 'बशर' दिल बनाया गया

  - Dharmesh bashar

Duniya Shayari

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