दिल सताता है मुझ को रोज़ानादिल को उस की कमी सताती हैकानों में गूँजती है आवाज़ेंमुझ को उस की हँसी सताती हैरास आई है जबसे तन्हाईलोगों की दोस्ती सताती हैओस से तिश्नगी न बुझ पाईहाए ये तिश्नगी सताती हैमौत के इंतिज़ार में हूँ मैंमुझ को ये ज़िन्दगी सताती है— Karan Bedi