jo tire dil men nahin hai tu bhi usko gair kar | जो तिरे दिल में नहीं है तू भी उसको ग़ैर कर

  - Danish Balliavi

जो तिरे दिल में नहीं है तू भी उसको ग़ैर कर
जो तिरा क़ातिल है तू भी जी लगा के बैर कर

तू ने तोड़ा है मेरा दिल याद रखना है सदा
तेरा अब दिल टूटता है ऐ ख़ुदा तू ख़ैर कर

हम भी गुज़रे हैं सनम तेरे दिए हर ज़ख़्म से
बे-वफ़ाई का ये दरिया पार कर तू तैर कर

ज़ख़्मी दिल हाथों में लेकर हम भी जाते थे वहाँ
दर्द की महफ़िल है वो तू भी वहाँ जा सैर कर

तुझ को चाहा दिल से चाहा ये ख़ता अपनी भी है
मेरा दिल कहता है ''दानिश'' अब तू उस्से बैर कर

  - Danish Balliavi

Yaad Shayari

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