
मुझे मालूम है तुझ से मुहब्बत हो नहीं सकती
तेरे लहजे में थोड़ी सी भी चाहत हो नहीं सकती
बदन की ख़्वाहिशें जब होने लगती है मुहब्बत में
तो फिर ऐसी मुहब्बत में यूँ शिद्दत हो नहीं सकती
— Danish Balliavi
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