
जुड़ा ऐसे कि तुझ सेे मैं घटाया जा नहीं सकता
मैं क्या महसूस करता हूँ बताया जा नहीं सकता
मिरे हर ख़त को तू ने भी सँजो कर जिस तरह रक्खा
यही अहसास है जो की भुलाया जा नहीं सकता
— Deva morya 'Raahi'
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