इबादत करूँँ कैसे अब मैं ख़ुदा कीमेरे सामने तेरे रुख़्सार जो हैंमुझे तो कोई अब नज़र भी न आतामेरी नज़रें तेरी गिरफ़्तार जो हैं— Jay kishan