to kya usko main honthon se bajaaoon | तो क्या उसको मैं होंठों से बजाऊँ

  - Fahmi Badayuni

तो क्या उसको मैं होंठों से बजाऊँ
तिरे दर पे जो घंटी लग गई है

चराग़ उसने मिरे लौटा दिए हैं
अब उसके घर में बिजली लग गई है

  - Fahmi Badayuni

Wahshat Shayari

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    Fahmi Badayuni
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